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आर्थराइटिस पैक

1,155.00 924.00

आर्थराइटिस (गठिया) के लिए आयुर्वेदिक औषधि का उपयोग:

आर्थराइटिस के उपचार में सहायक

खुराक : हर्बोफिट – नाश्ता करने के बाद प्रतिदिन 1 कैप्सूल; संधिवती – भोजन के बाद 1 गोली दिन में तीन बार; निर्गुंडी- प्रभावित हिस्से पर दिन में दो बार लगाएं; रूमॉक्स-प्रभावित हिस्से पर लगाएं

आर्थराइटिस की आयुर्वेदिक औषधि का परिचय:

डॉ वैद्य की आर्थराइटिस हेल्थ किट में हमारे परिवर्तनकारी पुराने आर्थराइटिस (गठिया) उत्पाद– संधिवती, रुमॉक्स बाम और निर्गुंडी तेल (तत्काल राहत के लिए) के साथ-साथ हमारा अत्यंत प्रभावशाली प्रतिरक्षा और ऊर्जा वर्धक हर्बोफिट शामिल हैं। इस पैक को 1 महीने तक उपयोग में लाए जा सकने के हिसाब से तैयार किया गया है और यह आर्थराइटिस (गठिया) के अल्पकालिक व दीर्घकालिक आयुर्वेदिक उपचार के लिए उपयोगी है।

ayurvedic medicine
1 × HERBOfit (30 capsules X 1)
180.00
Ayurvedic Pain Relief Oil
1 × Nirgundi Joint Guard (100ml X 2)
400.00
Arthritis Medicine
1 × Sandhivati (24 pills X 3)
450.00
Pain balm
1 × Rumox (50 grams X 1)
125.00

डॉ वैद्य की आर्थराइटिस हेल्थ किट में हमारे परिवर्तनकारी पुराने आर्थराइटिस (गठिया) उत्पाद– संधिवती, रुमॉक्स बाम और निर्गुंडी तेल (तत्काल राहत के लिए) के साथ-साथ हमारा अत्यंत प्रभावशाली प्रतिरक्षा और ऊर्जा वर्धक हर्बोफिट शामिल हैं। इस पैक को 1 महीने तक उपयोग में लाए जा सकने के हिसाब से तैयार किया गया है और यह आर्थराइटिस के अल्पकालिक व दीर्घकालिक आयुर्वेदिक उपचार के लिए उपयोगी है।

हर्बोफिट परंपरागत च्यवनप्राश में इस्तेमाल किए जानेवाले 21 सक्रिय घटकों का केंद्रित अर्क है जो कैप्सूल के रूप में उपयोग के लिए उपलब्ध है। आधुनिक उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर विशेष रूप से तैयार हर्बोफिट सुविधाजनक और आसानी से उपभोग योग्य है।

प्रतिरक्षा के लिए सर्वश्रेष्ठ च्यवनप्राश के सभी फायदों के साथ इस कैप्सूल में निहित जड़ी-बूटियां शरीर में प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण कर बीमारियों और विकारों को रोकने में मदद करती हैं। यह ऊतकों को भी पुनर्जीवन प्रदान करता है, प्रतिरक्षा का निर्माण करता है, मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, पाचन में मदद करता है, ऊर्जा को बढ़ाता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।

संधिवती दरअसल विभिन्न हर्बल घटकों का आयुर्वेदिक मिश्रण है, जो जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों के दर्द को कम करने और गठिया (आर्थराइटिस) जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में कारगर है। आर्थराइटिस दर्द निवारक यह औषधि अपने प्रदाहरोधी (एंटी-इन्फ्लामेटरी) और पीड़ानाशक (एनाल्जेसिक) प्रभाव के लिए जानी जाती है। इसके अलावा, इसमें महायोगराजगुग्गुल होने के कारण इसका एंटी-एनीमिक प्रभाव भी होता है, जो इसे एंटी-आर्थरिटिक एलोपैथिक दवाओं के साथ प्रयोग करने के लिए आदर्श बनाता है। तर्कसंगत रूप से जोड़ों के दर्द के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा के रूप में संधिवती आर्थराइटिस से पीड़ित मरीजों में प्रभावित क्षेत्रों की सूजन को कम करने में मदद करती है।

निर्गुंडी जॉइन्ट गार्ड जोड़ों के दर्द में राहत प्रदान करनेवाला एक आयुर्वेदिक तेल है, जिसे मांसपेशियों, जोड़ों के साथ-साथ गठिया (आर्थराइटिस) के दर्द से राहत प्रदान करने के लिए निर्गुंडी के अर्क से परिष्कृत 3 तेलों का उपयोग करके बनाया गया है। जब प्रभावित हिस्से पर इसे लगाया जाता है और धीरे-धीरे मालिश की जाती है, तो निर्गुंडी जॉइन्ट गार्ड दर्द से तत्काल राहत प्रदान करता है।

रूमॉक्स वास्तव में बाम के रूप में लाभ पहुंचानेवाला आर्थराइटिस का उपचार है। 6 जड़ी-बूटियों के मिश्रण से तैयार यह दर्द राहत बाम दर्दग्रस्त हिस्से पर गर्म और सुखद प्रभाव प्रदान करता है। इस हर्बल दर्दनिवारक बाम के घटक पीड़ानाशक और प्रदाह नाशक प्रभाव प्रदान करते हैं, जिससे आपको विभिन्न मसक्यूलोस्केलेटल पेन (मांसपेशियों, हड्डियों और स्नायुओं में होनेवाला दर्द) से राहत मिलती है। यह सभी प्रकार के गठिया दर्द के साथ-साथ मोच के कारण होनेवाले दर्द को कम करने में भी मदद करता है।

 

नोट : हम इन उत्पादों का उपयोग करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक के साथ परामर्श कर लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति और शरीर अनूठा होता है। हमारे आंतरिक चिकित्सक से नि: शुल्क परामर्श के लिए कृपया हमें +919820291850 पर कॉल करें या हमें care@drvaidyas.com पर ईमेल करें।

हर्बोफिट

10 साल और उससे अधिक उम्र के लिए : नाश्ते के बाद या एक गिलास दूध के साथ प्रतिदिन एक कैप्सूल।

संधिवती

प्रारंभिक खुराक: 6 महीने तक भोजन के बाद प्रतिदिन 1 गोली तीन बार।

रखरखाव खुराक: नाश्ते और रात के खाने के बाद 1 गोली।

15 साल और उससे अधिक के लिए आदर्श

निर्गुंडी

प्रभावित हिस्से पर लगाएं और जोड़ों के दर्द से प्रभावी राहत के लिए धीरे-धीरे मालिश करें।

रूमॉक्स

इस असरदार गठिया दर्दनिवारक बाम को प्रभावित हिस्से पर प्रतिदिन एक या दो बार या फिर जब आवश्यक हो तब लगाएं और धीरे-धीरे मालिश करें।

डॉ वैद्य के आर्थराइटिस पैक में निहित औषधियों में निम्नलिखित घटक शामिल हैं –

हर्बोफिट

अमला घन

इंडियन गूस्बेरी (करौंदा) के रूप में विख्यात आंवला या अमला में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होता है। यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता को पोषण देता है, भोजन के अवशोषण को बढ़ाता है, शरीर को शीतल रखता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ (टाक्सिन) को बाहर फेंक देता है।

इलाइची घन

इलायची को विभिन्न प्रकार के संक्रमणों से लड़ने और उनकी रोकथाम करने के लिए जाना जाता है। यह एक श्रेष्ठ अवसादरोधी (एंटी-डिप्रेसंट) भी है।

लौंग घन

हर्बोफिट में लौंग के रोगाणुरोधक (एंटीसेप्टिक) गुणों का प्रयोग किया जाता है जो खांसी और जुकाम के इलाज में मदद करते हैं।

केसर पाउडर

केसर शरीर को बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है, कोशिकाओं के गठन और मरम्मत में सहायता करता है, रक्तचाप को बनाए रखने में मदद करता है और हृदय रोगों को दूर रखता है।

जायफल घन

जायफल या नटमेग को चिंता और तनाव कम करने के लिए जाना जाता है और यह पाचन समस्याओं और मासिक धर्म के दौरान होनेवाली ऐंठन से छुटकारा दिलाने में मददगार है।

जवंतरी घन

जवंतरी (जावित्री) अपने अवसादरोधी (एंटी-डिप्रेसंट) गुणों के साथ-साथ जीवाणुरोधी खूबियों के लिए प्रसिद्द है। यह दौरे को नियंत्रित करने में मदद करती है और मिर्गी को रोकती है।

ईलचा घन

यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी आंतों और उदर ग्रंथियों (गैस्ट्रिक ग्लैंड्स) को जरूरी रसों का रिसाव करने के लिए उत्तेजित करती है। यह सीने की जलन (हार्टबर्न) और पेट की ऐंठन को ठीक करने में सहायक है।

नागरमोथा घन

इसे नटग्रास के रूप में भी जाना जाता है, नागरमोथा त्वचा की बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है। यह मूत्रवर्धक के रूप में भी कार्य करता है और यकृत (लीवर) और फेफड़ों की बीमारियों को रोकने में मदद करता है।

जटामांसी घन

जटामांसी एक प्राकृतिक मस्तिष्क शामक (नर्वाइन) टॉनिक और एक स्मृति वर्धक है, जिसका एक शांतिदायक प्रभाव पड़ता है।

ताज घन

ताज सामान्य जीवन शक्ति बढ़ाता है। यह पूरे शरीर में गरमाहट लाता है और एनर्जी प्रदान करता है। पेट को साफ रखता है, दस्त को रोकता है, पाचन में सुधार करता है और पेट की मरोड़ से राहत देता है।

तेजपत्र घन

तेजपत्र घन आहार संबंधी सहायता (डाइएटरी सपोर्ट) और अग्नाशयी (पैंक्रिएटिक) टॉनिक के रूप में काम करता है। यह श्वसन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखता है और विभिन्न पर्यावरणीय रोगजनकों (पैथजन) से बचाए रखने के लिए प्रतिरोधक क्षमता को सक्षम बनाने में मदद करता है।

शाहीजीरा घन

शाहीजीरा का उपयोग सीने की जलन (हार्टबर्न), पेट फूलना, गैस, भूख न लगना और पेट और आंतों में मरोड़ जैसी पाचन समस्याओं से छुटकारा पाने में किया जाता है।

धनिया घन

धनिया एक्जिमा, खुजली, चकत्ते, और सूजन जैसे विभिन्न त्वचा रोगों को ठीक करने में काफी असरदार है। यह मुंह के अल्सर और घावों का इलाज करने में भी मदद करता है।

तालिसपत्र घन

तालिसपत्र एक प्रमुख आयुर्वेदिक हर्ब है जिसका श्वासनली और फेफड़ों पर प्रदाहनाशी (एंटी-इन्फ्लैमटॉरी) और ब्रोंकोडाइलेटरी असर होता है।

कपूरकचली घन

कपूरकचली घन को मुख्य रूप से एक एंटी-अस्थमैटिक एजेंट के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग ब्रोंकाइटिस, दर्द, मतली (उबकाई), प्रदाह और हिचकी का इलाज करने के लिए भी किया जाता है।

गुलाब घन

गुलाब घन त्वचा के नीचे केशिकाओं की सूजन को कम कर देता है, गालब्लैडर (पित्ताशय की थैली) और लीवर को साफ करता है और पित्त स्राव (बाइल सिक्रीशन) को बेहतर बनाने के लिए जाना जाता है।

मस्तकी घन

इस आयुर्वेदिक हर्ब का इस्तेमाल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारियों के इलाज में किया जाता है। बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन के साथ हाई ब्लड प्रेशर,हृदय रोग, और पेप्टिक अल्सर के इलाज में इसका उपयोग होता है।

तगर घन  

यह जड़ी बूटी जोड़ों (रुमैटिक ज्वाइंट्स) में सूजन और दर्द के इलाज में मदद करती है। यह अधिक संकुचित मांसपेशियों को ढीला (रिलैक्स) करती है और इस प्रकार यह कंधे और गर्दन के तनाव में राहत देने में कारगर है।

अभ्रक भस्म

अभ्रक भस्म एक बेहतरीन कोशिकीय पुनरुत्पादक ( सेलुलर रिजेनरेटर) और तंत्रिका (नर्व) टॉनिक है। इसका उपयोग एनीमिया के साथ कई श्वसन पथ (रेस्परटॉरी ट्रैक्ट) संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है।

निर्भिशी घन

निर्भिशी घन वात, पित्त और कफ दमनकारी है। यह सूजन को कम करने में कारगर है। यह किसी भी तरह के इंफेक्शन को ठीक करने के साथ-साथ उसमें होनेवाले दर्द से राहत दिलाने में भी मदद करता है।

 

संधिवती

महारसनादिक्वाथ घन

इस विशेष मिश्रण में 26 हर्बल घटकों का उपयोग किया गया है, जो प्रदाहरोधी प्रतिक्रिया (एंटी-इन्फ्लैमटॉरी एक्शन) पैदा करके प्रभावित क्षेत्रों की सूजन को कम करने में मददगार सिद्ध होता है। महारसनादिक्वाथ नर्वस सिस्टम को स्वस्थ बनाए रखते हुए जोड़ों और मांसपेशियों के निर्बाध कामकाज को भी सुनिश्चित करता है। यह विभिन्न न्यूरोलॉजिकल फंक्शन का समर्थन करने के लिए भी जाना जाता है।

महोयोगराजगुग्गुल

यह एक एंटी-एनीमिक मिश्रण है जो रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है, आरामदायक जॉइंट मूवमेंट को बनाए रखने के साथ अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखता है। महोयोगराज गुग्गुल को इसके प्रदाहरोधी (एंटी-इन्फ्लैमटॉरी) गुणों के लिए भी जाना जाता है!

 

निर्गुंडी

जैसा कि नाम से स्पष्ट है, निर्गुंडी जॉइंट गार्ड में मुख्य रूप से बहु-उद्देशीय और बहु-उपयोगी जड़ी-बूटी निर्गुंडी शामिल है। यह जड़ी-बूटी एक वातशामक द्रव्य के रूप में कार्य करती है, जो जोड़ों के विभिन्न प्रकार के दर्द से राहत प्रदान करने के लिए जानी जाती है।

 

रूमॉक्स

मेन्थॉल

मेन्थॉल ( पुदीने का सत) शरीर के दर्द प्रभावित हिस्सों पर शांत और सुखद प्रभाव डालता है। यह जड़ी-बूटी गले में खराबी से छुटकारा दिलाने में मदद करती है और यह  अन्तर्ग्रहण और पेट दर्द के लिए प्रभावी साबित होती है।

कपूर

शीतलक (कूलन्ट) के रूप में कार्य करनेवाला कपूर या कर्पूर त्वचा में बाम के अवशोषण में सहायक होता है। इस जड़ी-बूटी का प्रदाहरोधी (एंटी-इन्फ्लामेटरी) गुण गठिया (रूमटिज़म) या मांसपेशियों और जोड़ों की सूजन के चलते होनेवाले दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता हैं।

थाइमॉल

एक प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी के रूप में विख्यात थाइमॉल (अजवायन के तेल में मौजूद सफेद क्रिस्टलीय यौगिक) की आमतौर पर समग्र स्वास्थ्य के उत्थान के लिए सिफारिश की जाती है।

तारपीन का तेल

देवदार के वृक्ष की राल से निकले तारपीन (टर्पेन्टाइन) तेल को जब त्वचा पर लगाया जाता है, तो यह दर्द से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। इस तेल की गर्मी रक्तसंकुलता की समस्या को कम करने में मदद करती है।

नीलगिरी का तेल

नीलगिरी (यूकलिप्टस) का तेल दर्द वाले हिस्से पर एक गर्म और सुखद प्रभाव छोड़ता है। यह सूजन और जलन (प्रदाह) को कम करने में भी मदद करता है। यह तेल ब्रोन्काइटिस जैसे ऊपरी श्वसन संक्रमण और प्रदाह संक्रमण के लिए एक उत्कृष्ट विसंकुलक औषधि के रूप में भी काम करता है।

विंटरग्रीन ऑयल

विंटरग्रीन या विन्टग्रीन (उत्तरी समशीतोष्ण क्षेत्रों की क्षारीय मिट्टी में पाया जानेवाला एक पौधा) तेल अपने दर्द निवारक (एनाल्जेसिक), पीड़ानाशक (एनोडीन), आमवातरोधी (एंटी-रूमेटिक), संधिवात प्रदाह रोधी (एंटी-आर्थ्रिटिक), अंग-ग्रह नाशक (एंटीस्पाज्मोडिक)रोगाणु रोधक (एंटीसेप्टिक), सुगंधदायी (ऐरमैटिक), स्तंभक (अस्ट्रिन्जन्ट)वातहर (कार्मिनटिव), मूत्रवर्धक, रक्त-प्रवाहक (इमेनोगोग) और उत्तेजक गुणों के लिए जाना जाता है।

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